Monday, 1 August 2011

Kuchaman City - Poor girls connected to education

सखियों संग ‘लाडो’ पहुंची स्कूल

-तालीम से जुड़ी कईबेटियां
-मीडिया एक्शन गु्रप की मुहिम
-आओ पढ़ाएं, सबको बढ़ाए
कार्यालय संवाददाता @ कुचामनसिटी।
कुचामनसिटी, २9 जुलाई.
राजस्थान पत्रिका मीडिया एक्शन गु्रप की ‘आओं पढ़ाएं, सबको बढ़ाएं’ मुहिम बेटियों को शिक्षा से जोडऩे के लिए वरदान साबित हो रही है। अब तक  बेटियों को पढ़ाने में ना-नुकर करने वाले परिवारों ने भी शिक्षा से नाता जोड़ लिया है। उनकी ‘लाडो’ भी स्कूल के दर पहुंच गईहै।

मुहिम की प्रेरणा से राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय नम्बर-4 रैगर बस्ती में कईऐसी बेटियों का दाखिला हुआ है, जो स्कूल जाने के सपने ही देख रही थीं।  शहर के कुछ मोहल्लों में ‘बेटियां तो पराया धन होती है, उन्हें पढ़ाकर क्या करना’ जैसी भ्रांति के कारण कई बेटियां शिक्षा से वंचित थी। स्कूल के प्रधानाध्यापक भानुप्रकाश ओदिच्य एवं शिक्षिका सरोज शर्मा ने ‘पत्रिका’ की प्रेरणा से ऐसे बच्चों को खोजने के लिए कईबस्तियों के घर खंगाले। परिवारों के मुखियाओं से वार्ता की और उनसे बेटियों को भी स्कूल भेजने का आग्रह किया। काफी प्रयास के बाद मुखिया अपने बेटियों को स्कूल भेजने को राजी हुए। दुर्बल वर्ग से जुड़ी इन बेटियों को स्कूल में प्रवेश के लिए स्कूल यूनिफार्म की बाध्यता नहीं रखी है। 
बच्चों के दाखिले के दौरान प्रधानाध्यापक ओदिच्य ने कहा कि यदि पत्रिका की मुहिम नहीं होती तो ऐसा संभव नहीं होता। मुहिम के कारण लोगों में प्रेरणा जाग्रत हुई और कई बच्चे स्कूल से जुड़ गए।
इन्हें नसीब हुई तालीम---
कुचामनसिटी: राज.उ. प्रा. विद्या. संख्या-4  रैगर बस्ती में सीटीएस के अलावा जोड़े नए बच्चे---
क्र.सं.  नाम(उम्र)    पिता का नाम          कक्षा में प्रवेश
1. मुन्नी (12) पुत्री अब्दुल गफ्फार         तृतीय
2. लाडो (10) पुुत्री अयुब                      तृतीय
3. फरजाना(9) पुत्री सलीम                    द्वितीय
4. सीमा(10) पुत्री सलीम                      तृतीय
5. सोनू (6 ) पुत्री गन्नी                          प्रथम
6 . चम्पा(11) पुत्री रामलाल बावरी          द्वितीय
7. मुन्नी(8 ) पुत्री रामलाल बावरी            प्रथम
8 . महावीर(10)पुत्र  रामकुमार                तृतीय
9. सोहिल(8 ) पुत्र बाबूद्दीन                      द्वितीय
10. रफीक(8 ) पुत्र शहाबुद्दीन                   प्रथम
11. अफजल(8 ) पुत्र अयुब                       प्रथम
-के.आर. मुण्डियार/हिमांशु धवल, कुचामनसिटी

लोगो या कॉर्टून---
वह ‘बालिका’ तो दो बच्चों की मां है!
-ये कैसा प्रवेशोत्सव?
-सीटीएस सर्वे की गफलत, शिक्षकों  का समय का अपव्यय
-मीडिया एक्शन गु्रप की पड़ताल में खुली पोल
के.आर.मुण्डियार @ कुचामनसिटी।
कुचामनसिटी, २9 जुलाई.

शिक्षा से वंचित जिस बालिका को खोजने गए, वह तो दो बच्चों की मां निकली। तो कईकिशोर एक साल के भीतर ही जवान हो गए। शिक्षा विभाग के इस साल चलाए गए नामांकन अभियान में चाइल्ड ट्रेकिंग सर्वे के ऐसे विपरित आंकड़ों की पोल खुल गई है। शिक्षानगरी कुचामनसिटी में सीटीएस के आंकड़े न केवल गफलत वाले साबित हुए, बल्कि आंकड़ों के कारण नामांकन अभियान में जुटे शिक्षा कार्मिकों की खासी परेड भी हो गई।
शिक्षा विभाग के प्रवेशोत्सव व नामांकन अभियान को लेकर ‘राजस्थान पत्रिका’ मीडिया एक्शन गु्रप ने सीटीएस आंकड़ों की क्रमिक पड़ताल की। कई दिनों की पड़ताल के मामले चौकानें वाले आए। सर्वे में कईऐसे बच्चों के नाम भी जोड़ दिए गए, जो पहले से ही स्कूलों में पढ़ रहे हैं। बच्चे खोजने के लिए कईस्कूलों को सौंपी गई लक्ष्य की सूची में कईऐसे नाम भी सामने आए, जो ‘ओवरएज’ या ‘अंडरऐज’ के हैं, जिनकी वास्तविक आयु 15 से 22 या 1 से 3 वर्ष तक ही है। चौकानें वाली बात तो यह हैकि सर्वे में जिन्हें 7-8  वर्ष आयु की ‘बालिकाएं’ दर्शाया गया है, उनकी तो शादी हो चुकी है और वे दो-दो बच्चों की माएं हैं। गड़बड़ी यह भी है कि कईबच्चों के नाम दूसरे क्षेत्रों की सूची में जोड़ दिए गए हैं। जो खोजने से ही नहीं मिल रहे। स्कूलों की ओर से बच्चे खोजने के दौरान ऐसी विपरित परिस्थितियां सामने आई हैं। ऐसे में न केवल नामांकन अभियान में जुटे शिक्षकों के अमूल्य समय का अपव्यय हुआ, बल्कि पूरे माह चले अभियान में स्कूल प्रवेश ले चुके अन्य विद्यार्थियों का शिक्षण कार्य भी प्रभावित होता रहा।
गलफत की बानगी: एक नजर-
-सीटीएस सर्वे के तहत राजकीय प्राथमिक विद्यालय नम्बर 7 बुगालिया बास को बीईईओ कार्यालय से दी गईसूची में 15 बच्चे खोजने का लक्ष्य दिया गया। जिसमें 8  बच्चे अनामांकित व 7 बच्चे ड्राप आउट बताए गए। स्कूल टीम ने बच्चे खोजने शुरू किए तो सीटीएस क्रमांक 92 से 106  तक के  सभी बच्चे निजी व सरकारी स्कूलों में पढ़ते पाए गए। इस पर टीम को इन बच्चों को एस.आर.नम्बर लिखकर खानापूर्ति करनी पड़ी।
-सीटीएस सर्वे के तहत राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय नम्बर 4 रैगर बस्ती को बीईईओ कार्यालय से 50 बच्चों के नाम की सूची दी गई। जिन्हें शिक्षा से जोडऩा था। इस सूची में से 25 बच्चे ओवरऐज पाए गए। जिनकी उम्र 15-22 पाईगई।
-सीटीएस क्रमांक 338  में शमयब पुत्री चिरागुद्दीन की उम्र 13 वर्ष दर्ज है। जबकि शमयब की तो एक साल पहले शादी हो चुकी है।
-सीटीएस क्रमांक 344 मंजू की उम्र 12 साल तथा क्रमांक 343 में संजू की उम्र 7 वर्ष लिखी हुई हैं। लेकिन दोनों बहनों की शादी हो चुकी और बच्चों की मां भी है। वास्तविक रूप से दोनों की उम्र 20 से 22 साल है।
-सीटीएस क्रमांक 98  में पूनम पुत्री कमल की उम्र 8  साल दर्ज है। लेकिन उसकी वास्तविक उम्र तो 3 साल ही है। तो इसे कैसे प्रवेश दें?
-सीटीएस क्रमांक 106  में रेखा पुत्री बोदूराम उम्र 13 वर्ष को अनामांकित दर्शाया गया है। जबकि बालिका वास्तविक नाम सरिता है और वह रामा मेमोरियल स्कूल में नवमीं कक्षा में पढ़ रही है।
-कुचामनसिटी ब्यूरो।
-सादर प्रेषित
-के. आर. मुण्डियार, प्रभारी, कुचामनसिटी ब्यूरो
फोन- ९८२९०६६०३६

No comments:

Post a comment