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Sunday, 21 August 2011

Doongarpur- Education Campaign supports Poor Girls through Citizen Support

Aao Padhayein, Sabko Badhayein.....People Connect to Support 50 Poor Girls: Poor Girls get education material/ accessories, the needy get the fee support, 8 meritorious girls get scholarship.. Patrika announces scholarship of Rs10,000 for merit holders in class 10th and 12th. 
MMB group emerge as big support for education of the deprives and adopts two classrooms for maintenance, MP Tarachand Bhagora present as guest, District Education Officer, representatives of political parties and civil society also endorsed the cause.

Leader Opposition ( city council)commits 50 bagful cement and one truck sea soil for repair of the school.


शिक्षा को मिला महासम्बल

- निर्धन बच्चों को मिली शिक्षण सामग्री
- जरुरतमंद बच्चों को मिला शिक्षण शुल्क
- प्रतिभाओं को मिला प्रोत्साहन
- एमएमबी ग्रुप बना भामाशाह
- आओ पढ़ाएं, सबको बढ़ाएं अभियान

कार्यालय संवाददाता  डूंगरपुर
झुग्गी झौपडिय़ों में रहने वाली कई बालिकाएं शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ तो गई। पर, तंग माली हालात के कारण वे नहीं तो शिक्षण सामग्री का खर्च उठाने में सक्षम थी और नहीं स्कूल की फीस देने में। ऐसी ही निर्धन एवं जरुरतमंद कई बालिकाओं को शिक्षा का महासम्बलन देने का राजस्थान पत्रिका ने बीड़ा उठाया।
पत्रिका एवं मीडिया एक्शन ग्रुप की ओर से शिक्षा के कानून अधिकार के तहत चलाए जा रहे आओ पढ़ाएं, सबको बढ़ाएं अभियान के तहत शहर के प्राचीन राजकीय देवेन्द्र कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय में सामाजिक सरोकारों से जुड़ी एमएमबी ग्रुप के सहयोग से शिक्षा का महासम्बलन कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद ताराचन्द भगोरा थे। अध्यक्षता जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक हरिप्रकाश डेण्डोर ने की। विशिष्ट अतिथि नगरपालिका के प्रतिपक्ष नेता पूनमचंद लबाना, ग्रुप के सदर नूरमोहम्मद मकरानी, राजस्थान पेंशनर समाज के जिलाध्यक्ष नानूराम माली, पूर्व पार्षद माया सुथार थे। स्वागत प्रधानाचार्य अर्चना भट्ट ने किया। संचालन वंदना सोलोमन ने किया।

इनको मिला सम्बल
कार्यक्रम में माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक कक्षाओं की निर्धन परिवारों की 50 बालिकाओं को चार-चार नोटबुक के सेट भेंट किए गए। अत्यंत निर्धन परिवार की मेघा श्रीमाल, शबाना  मकराना, कल्पना दरोगा, सैय्यद आफरिन बानू, नमीरा मलिक एवं निकिया को स्कूल फीस का पुनर्भरण किया गया। साथ ही गत शैक्षणिक सत्र की विभिन्न कक्षाओं में सर्वोच्च अंक लाने वाली आठ छात्राओं को ट्राफी देकर सम्मानित किया गया।

पत्रिका और ग्रुप की अनूठी पहल

मुख्य अतिथि भगोरा ने कहा कि राजस्थान पत्रिका सामाजिक सरोकारों के साथ अब शैक्षिक प्रतिभाओं को प्रोत्साहित भी कर रहा है। निश्चित ही पत्रिका की यह पहल वागड़ में मील का पत्थर साबित होगी। अध्यक्ष डिण्डोर ने कहा कि एमएमबी ग्रुप एवं पत्रिका ने शिक्षा विभाग को मजबूत सम्बलन देकर पुनीत कार्य किया है। विशिष्ट अतिथि लबाना ने कहा कि निर्धन परिवार की इन बालिकाओं को सम्बलन की दरकार थी। ऐसे में ग्रुप एवं पत्रिका का योगदान यह ताउम्र नहीं भूलेगा ।

पत्रिका बना सेतू
प्रधानाचार्य भट्ट ने विद्यालय भवन के काफी जर्जरहाल होने तथा विद्यालय परिसर के आसपास झाड़-झंकार फैलने की समस्या बताई। इस पर कार्यक्रम के दौरान ही प्रतिपक्ष नेता ने मरम्मत के लिए 50 बोरी सीमेंट एवं एक ट्रक रेती देने की घोषणा की। वहीं, सांसद ने नगरपालिका अधिकारियों को फोन किया। इस पर तुरंत नरगपालिका से दल पहुंचा और जल्द ही सफाई करवाने का आश्वासन दिया।

मेरिट में आओं, इनाम पाओं
कार्यक्रम में 10वीं एवं 12वीं की राज्य वरीयता सूची में देवेन्द्र विद्यालय की बालिकाओं के स्थान बनाने पर भामाशाह के सहयोग से राजस्थान पत्रिका की ओर से दस हजार एक रुपए देने की घोषणा की गई।

लोकार्पण और सम्मान
एमएमबी ग्रुप की ओर से गोद लिए गए दो कक्षा-कक्षों का भी अतिथियों ने लोकार्पण किया। इस मौके पर विद्यालय परिवार की ओर से सांसद, प्रतिपक्ष नेता एवं मकरानी का अभिनन्दन किया गया। साथ ही ग्रुप ने भी सांसद को शॉल ओढ़ा प्रशस्ति पत्र भेंट किया।

ये भी थे उपस्थित
कार्यक्रम में हांजी रियाजुल कुरैशी, पूर्व शिक्षा उपनिदेशक मनोज शर्मा, पूर्व प्रधानाचार्य गायत्री देवी शर्मा, अशोक जोशी, भारतेन्द्र पण्ड्या, रामसिंह, हिरुषा शाह, शारदा गहलोत भी शामिल हुए।

Friday, 19 August 2011

Dungarpur - Dresses and school material distributed by Pensioner Society to poor children

शिक्षा को मिला संबल
- निर्धन बच्चों को मिली गणवेश
- राजस्थान पेंशनर समाज बना भामाशाह

- आओ पढ़ाए, सबको बढाएं अभियान

कार्यालय संवाददाता @ डूंगरपुर
शिक्षा की डगर पर चलने की उनकी ललक इतनी थी कि तन पर फटे-चिथड़े कपड़ों की परवाह किए बगैर वे धूप-गर्मी और वर्षा सब-कुछ सहन करने के बावजूद रोज स्कूल आते। इन बच्चों को किसी मजबूत सबलन की आवश्यकता थी। ऐसे में शिक्षा के प्रति समर्पित इन बच्चों के लिए राजस्थान पत्रिका के आह्वान पर राजस्थान पेंशनर समाज ने गुरुवार को बच्चों को गोद लिया और उन्हें हाथों-हाथ गणवेश बांटे।
राजस्थान पत्रिका और मीडिया एक्शन ग्रुप के आओं पढ़ाए, सबकों बढ़ाए अभियान के तहत राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय राजपुर में अत्यंत निर्धन परिवारों के एक साथ 15 बच्चों को पेंशनर समाज की ओर से गणवेश बांटी गई। कार्यक्रम में समाज के प्रदेश प्रतिनिधि भुवनेश्वर चौबीसा, जिलाध्यक्ष नानूराम माली, नगर अध्यक्ष विमलप्रकाश चौबीसा, सुरेशचन्द्र टेलर, ठाकुरदास माखिजा, विश्वकृष्ण द्विवेदी, गंगेश्वर उपाध्याय, कालूसिंह, रामेश्वर सोमपुरा एवं रामलाल पाटीदार सहित निर्मला श्रीमाल, कोकिला साद, राहिला खान, चन्द्रलेखा चौबीसा शामिल हुए। संचालन अध्यापिका स्वाति शुक्ला ने किया। आभार प्रधानाध्यापक दिनेशचन्द्र चौबीसा ने व्यक्त किया।

पत्रिका की पहल अनूठी
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए पेंशनर चौबीसा ने कहा कि पत्रिका की यह पहल अनूठी है। इससे शिक्षा को सम्बलन मिला है। जिलाध्यक्ष माली ने कहा कि शिक्षा से ही विकास संभव है। जनजाति बहुल के इस पिछड़े जिले में पहले पत्रिका की और से बच्चों को विद्यालयों से जोडऩे की मुहिम शुरू की गई और अब यह सम्बलन साधुवाद का पात्र है। नगर अध्यक्ष चौबीसा ने कहा कि पेंशनर समाज सामाजिक सरोकारों से जुड़ा हुआ है। समाज आगे भी शैक्षिक जागृति के लिए प्रयासरत रहेगा।

Wednesday, 3 August 2011

Dungarpur - 20 new admission and figure reached at 1706 under RTE


शिक्षा से जीवन में सवेरा

- 20 बच्चे पहली बार चले स्कूल की डगर
- विद्यालयों से जुड़े 1706 बच्चे
- आओ पढ़ाए, सबको बढ़ाए अभियान

कार्यालय संवाददाता @ डूंगरपुर
 राजस्थान पत्रिका और मीडिया एक्शन ग्रुप की ओर से शुरू किए गए आओ पढ़ाए, सबको बढ़ाए अभियान का कारवां गांव-गांव और ढाणी-ढाणी में शिक्षा की अलख जगाने में जुटा हुआ है। शहर सहित ग्राम्यांचलों के 20 नए बच्चों के जीवन में बुधवार को शिक्षा रूपी सवेरा हुआ। अभिभावकों एवं शिक्षकों के सहयोग से बच्चों को पहली बार स्कूल की डगर पर पहला कदम चलाया गया, तो बच्चे काफी फ्रफूल्लित हो गए।
राजकीय प्राथमिक विद्यालय लक्ष्मणपुरा द्वितीय में मेग सदस्यों एवं शिक्षक राधाकृष्ण पण्ड्या के सहयोग से बिखरी बस्ती में बसे पांच परिवारों के पांच बच्चों को शिक्षा की कलम थमाई गई। पिण्डावल। राप्रावि पाड़ा में प्रधानाध्यापिका केशर मकवाना व अध्यापिका शारदा मकवाना के सहयोग से नौ बच्चों का प्रवेश हुआ। राप्रावि उस्मानिया के उपरवाड़ा में प्रधानाध्यापक तेजसिंह व लालसिंह सिसोदिया के सहयोग से छह विद्यार्थियों को दाखिला हुआ।

इनकी बदली किस्मत
 राप्रावि लक्ष्मणपुरा में दीपक सिंह, डिपल कोटेड, शिवानी परमार, अभिलाषा परमार एवं कपिल परमार का प्रवेश हुआ। राप्रावि उस्मानिया में जिनल सिंह, क्रिशराज सिंह, यशपाल ङ्क्षसह, जिनल आर. सिंह, रागिनी सिंह व पुष्पेंद्र सिंह का दाखिला हुआ। राप्रावि पाड़ा में पिनल लुहार, मनीषा पाटीदार, रोशनी पाटीदार, दीपिका पाटीदार, मनीषा कटारा, करिश्मा सरपोटा, भावना कटारा, विजेश पाटीदार एवं शंकर पाटीदार का प्रवेश दिलाया।

Tuesday, 2 August 2011

Dungarpur-Education will change the face of life......

शिक्षा बदलेगी जिन्दगी की सूरत

- विद्यालयों में दाखिल हुए 75 बच्चे
- अभियान का आंकड़ा पहुंचा 1655
- आओ पढ़ाए, सबको बढ़ाए अभियान

कार्यालय संवाददाता ञ्च डूंगरपुर
अधिक से अधिक बच्चों के जिन्दगी का नाता शिक्षा से जोडऩे के लिए राजस्थान पत्रिका और मीडिया एक्शन ग्रुप की ओर से चलाए जा रहे आओ पढ़ाए, सबको बढ़ाए अभियान के तहत सोमवार को 75 बच्चों को विद्यालयों से जोड़ा गया। अभियान का आंकड़ा 1655 तक पहुंच गया है। नवप्रवेशी बच्चों के विद्यालयों में पहुंचने पर तिलक लगा कर अभिनन्दन किया गया।


 




यहां हुए कार्यक्रम
पिण्डावल। राउप्रावि पादरड़ी बड़ी में संस्थाप्रधान हरीशचंद्र पाठक के सान्निध्य एवं जयंत पाठक, लोकेश भट्ट, रक्षा पुरोहित, मुकेश चौधरी, पंकज शुक्ला, रमेशचंद्र पारगी, करूणा जोशी के सहयोग से 35 विद्यार्थियों का दाखिला हुआ। इसी तरह राउप्रावि नयाटापरा में कार्यवाहक प्रधानाध्यापक उपेनद्र व्यास सहित भानुमति दीक्षित, मनीषा पाठक, वनिता आचार्य, कालूराम भील के सहयोग से 27 विद्यार्थियों का प्रवेश हुआ।
चीखली। विद्यानिकेतन उप्रावि में संस्थाप्रधान मुकेश मेहता एवं प्रभारी नरपतसिंह वाघेला के सान्निध्य में १३ बच्चों को नि:शुल्क प्रवेश दिया। संस्थाप्रधान मेहता ने पत्रिका के अभियान की सराहना की। इस मौके पर धमेन्द्रसिंह चौहान, नीता पंड्या, परेश लौहार, ऋतुराजसिंह चौहान,  विक्रमसिंह चौहान, उत्तम मेहता, भुवन दवे, कमलेश पारगी, गटूलाल खांट, ईश्वरी पाटीदार, ममता पाटीदार, गोपाल पाटीदार, धर्मिष्ठा मेहता शामिल हुए।


Monday, 1 August 2011

Dungarpur - Impact of the RTE campaign .....................

(1)
अब नहीं होगी बूंदों के बीच पढ़ाई
- डीडी के निर्देश के बाद हुई विद्यालय की जांच

कार्यालय संवाददाता @  डूंगरपुर

जिला मुख्यालय से करीब दस किलोमीटर दूर स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय कोटाणा की सुध लेनी विभाग ने शुरू कर दी है। पत्रिका में 26 जुलाई के अंक में ‘बूंदों के बीच हो रही पढ़ाई’ शीर्षक से प्रकाशित समाचार के बाद निदेशालय से मिले निर्देशों पर उपनिदेशक उदयपुर शांतिलाल खराड़ी ने जिला स्तरीय टीम गठित कर विद्यालय की विस्तृत रिपोर्ट देने के आदेश जारी किए। अगले ही दिन अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी के.एल. जोशी की अध्यक्षता में गठित टीम ने विद्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण दौरान पाया कि विद्यालय की छत से पानी की निकासी नहीं होने से पूरा पानी दीवारों और छतों के माध्यम से कक्षा-कक्षों में आ रहा था। साथ ही एक तरफ की दीवारों पर बारिश का पानी सीधे आने से भी कक्षा-कक्षों में पानी आना पाया गया। दल ने विद्यालय का मुआयना तकनीकी अधिकारियों से कराने का आग्रह किया है। साथ ही संस्थाप्रधान को उपयुक्त मरमत के प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं।

(2)
सतर्क हुआ महकमा

- विभाग ने स्थापित किया कंट्रोल रूप
- पर्यवेक्षक किए मनोनीत
- विद्यालयों में बढ़ा नामांकन
- आओं पढ़ाएं, सबको बढ़ाएं अभियान का असर

कार्यालय संवाददाता @ डूंगरपुर

शिक्षा के कानून अधिकार के तहत अधिक से अधिक बच्चों को विद्यालयों से जोड़े जाने के लिए राजस्थान पत्रिका और मीडिया एक्शन ग्रुप की ओर से चलाए गए ‘आओं पढ़ाएं, सबको बढ़ाएं’ अभियान के जिले में प्रभावी दस्तक के देने के बाद खुद विभाग भी काफी सर्तक हो गया तथा शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के लिए राजस्थान पत्रिका और मीडिया एक्शन ग्रुप की अपील पर जिला कार्यालय एवं ब्लॉक कार्यालय में नियंत्रण कक्ष स्थापित किए। इन नियंत्रण कक्षों के माध्यम से आरटीई न केवल विस्तृत जानकारी दी गई। देहात और सुदूरवर्ती क्षेत्रों के ग्रामीण अभिभावकों ने प्रवेश संबंधित जानकारी भी ली। इसके साथ ही विभाग ने विद्यालयों के नोडल संस्थाप्रधानों को पर्यवेक्षक तथा उन पर्यवेक्षकों के ऊपर भी मॉनिटरिंग के लिए माईक्रो ऑब्र्सवर लगाए।

(3)
शिक्षार्थी बिना शिक्षा का कानून
या
छू-मंतर हो गए दस हजार बच्चे

- नामांकन के बावजूद विद्यालयों नहीं हो पाया ठहराव
- बच्चों की मौजूदा स्थिति से अनभिज्ञ विभाग

कार्यालय संवाददाता @ डूंगरपुर

प्रदेश में शिक्षा के कानून अधिकार के तहत अधिक से अधिक बच्चों को विद्यालयों से जोड़े जाने के लक्ष्य के बावजूद जनजाति बहुल के इस पिछड़े डूंगरपुर जिले में विद्यालयों में नामांकन होने के बावजूद दस हजार से अधिक बच्चे विद्यालयों से छू-मंतर हो गए हैं। इन बच्चों की वस्तु स्थिति के बारे में किसी को अत्ता-पत्ता नहीं है कि उनके नाम चाईल्ड टे्रकिंग सर्वे में भी है या नहीं। ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में छू-मंतर शिक्षार्थियों बिना जिले में शिक्षा कानून अधिकार डोलता नजर आ रहा है।

शिक्षा से दूर बच्चों की स्थिति
ब्लॉक        विद्यार्थी

आसपुर        5415
बिछीवाड़ा        401
डूंगरपुर        1109
सागवाड़ा        2410
सीमलवाड़ा        1636
कुल        10,971

एक से पांच में अधिक
विद्यालयों में नामांकन के बाद स्कूलों से ड्राप-आउट होने वाले बच्चों में सर्वाधिक बच्चे कक्षा एक से पांच है। इनकी संख्या नौ हजार 335 हैं। जबकि, उच्च प्राथमिक स्तर पर ड्राप-आउट की संख्या महज 1636 ही है। वहीं, ड्राप-आउट के मामले में लड़कों की संख्या अधिक है।

यह हैं प्रमुख कारण
. अभिभावकों को अशिक्षित एवं अजागरुक होना
. आर्थिक माली हालात खराब होने की वजह से बच्चों को श्रम में लगाना।
. बचपन से ही पारिवारिक जिम्मेदारियों का बोझ
. जिले से सटे गुजरात में बीटी-कॉटन सहित विभिन्न श्रम में बच्चों को नियोजित करने की वजह से अभिभावकों का लालच।
. राजकीय विद्यालयों में भौतिक सुविधाओं का अभाव।

प्रयास जारी...
. यह मामला ध्यान में आया है। इसके लिए विभाग ने विशेष चार प्रपत्र तैयार किए हैं। इनमें शिक्षा से वंचित एक-एक बच्चे की जानकारी संकलित हो जाएगी। आरटीई के तहत समस्त बच्चों को स्कूलों से जोडऩे के हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
- केएल जोशी, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी प्रारम्भिक

Dungarpur - admissions figure reached at 1580


शिक्षा से जीवन सुखमय

- सरकारी एवं निजी विद्यालयों से जुड़े 66 बच्चे
- आओ पढ़ाएं, सबको बढ़ाएं अभियान

कार्यालय संवाददाता @ डूंगरपुर
जीवन में शिक्षा की दीक्षा मिलना बहुत जरुरी है। शिक्षा से ही जीवन सुखमय और अपने लक्ष्य की ओर बढ़ता है। ये विचार राजस्थान पत्रिका और मीडिया एक्शन ग्रुप की ओर से चलाए जा रहे ‘आओ पढ़ाएं, सबको बढ़ाएं’ अभियान के तहत नवप्रवेशी बच्चों के प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में अतिथियों ने व्यक्त किए। निजी एवं राजकीय विद्यालयों में शनिवार को 66 बच्चों को जोडऩे के साथ ही अभियान का आंकड़ा 1580 तक पहुंच गया है।

यहां हुए कार्यक्रम
 गोरादा के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में संस्थाप्रधान अबालाल यादव के नेतृत्व में शिक्षक अनिता रोत, गीता कटारा, सुखलाल सामलिया, दिलीप रोत, रेखा वरहात, धनेश्वर ख्रााड़ी एवं मधुबाला ने घर-घर जाकर संपर्क कर 25 बच्चों को दाखिला दिया। इस मौके पर एसएमसी अध्यक्ष खेमजी आमलिया, उपाध्यक्ष उदयलाल आमलिया ने पत्रिका के अभियान की सराहना की।
वसी गांव के लवकुश उप्रावि में संस्थाप्रधान भागचंद जैन, संरक्षक नारायण पण्ड्या, सचिव हीरालाल गामोट, सोहनलाल सेवक, धनेश्वर पण्ड्या, कांतिलाल कटारा, संस्थाप्रधान महावीरप्रसाद सेवक एवं त्रिलोक गामोट, हरीश रोत, मुकेश खटीक, नरेश नाई, रोशनी पण्ड्या, लीना व्यास, भावना सुथार की उपस्थिति में हुए कार्यक्रम में पांच बच्चों को निशुल्क प्रवेश दिया।
पिण्डावल के राउप्रावि वमासा में प्रधानाध्यापक नाथुलाल मीणा के सान्निध्य में 24 विद्यार्थियों को दाखिला दिलाया। इस मौके पर जयप्रकाश व्यास, चंद्रकांत व्यास, प्रमोद शुक्ला, विभा व्यास शामिल हुए।
रामगढ़ के हथाई के श्रीनिकेतन उप्रावि में संस्थाप्रधान गटूलाल प्रजातप, निदेशक कांतिलाल जैन, संस्थाप्रधान देवीलाल बरण्ड़ा, रामलाल डिण्डोर, लालशंकर अहारी, राजेन्द्र अहारी, गौतमलाल पाटीदार, जशोदा अहारी, विमला अहारी, वीणा अहारी के आतिथ्य में हुए कार्यक्रम में 12 बच्चों को निशुल्क प्रवेश दिया।



Saturday, 30 July 2011

Dungarpur - With 80 new admission target reached at 1514

शतकों पर शतक

- विद्यालयों से जुड़े 80 नए बच्चों के साथ अभियान का आंकड़ा 1514 पहुंचा
- आओं पढ़ाएं, सबको बढ़ाएं अभियान

कार्यालय संवाददाता @ डूंगरपुर
 राजस्थान पत्रिका और मीडिया एक्शन ग्रुप की ओर से चलाए गए ‘आओं पढ़ाएं, सबको बढ़ाएं अभियान’ के तहत हो रहे नामांकन में रोजाना नए रिकार्ड स्थापित हो रहे हैं। शुक्रवार को अलग-अलग विद्यालयों में 80 बच्चों को जोडऩे के साथ ही आंकड़ा 1514 तक पहुंच गया है।

बच्चों को निशुल्क प्रवेश
 सरोदा के हंसवाहिनी प्राथमिक विद्यालय में पांच संस्थाप्रधान राजेश व्यास के सहयोग से पांच बच्चों को निशुल्क प्रवेश दिया गया। इस मौके पर अनिल भट्ट, ईश्वरलाल परमार, मनोज भट्ट एवं अनिता सुथार शामिल हुए।
रामगढ़ के राउप्रावि मसाणा में संस्थाप्रधान अनिल जोशी के निर्देशन में 21 बच्चों को प्रवेश दिया गया।
साबला के राउप्रावि भाडग़ा में संस्थाप्रधान कमलाशंकर चौबीसा, जवाहरलाल मीणा, ईश्वरलाल राठौड़, वालचंद, हरीशचन्द्र मीणा, नारायण मईड़ा के सहयोग से 12 को प्रवेश मिला। राजकीय शिक्षाकर्मी प्रावि क्यावड़ी में मगनलाल मीणा एवं संतोष रोत के सहयोग से 18 नए बच्चों का दाखिला हुआ। राप्रावि वरवासा जागीर में अज्ञेयकुमार चौबीसा ने तीन बच्चों को प्रवेश दिया।
पिण्डावल। राउप्रावि पाटिया में प्रधानाध्यापिका सुशीला जैन के निर्देशन व डायालाल कोठारी, सतीशचंद्र डामोर, प्रमिला रेटवा के सहयोग से 21 बच्चों का दाखिला हुआ।

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विभाग का ‘रिवर्स गियर’

- सीटीएस सर्वे में चिन्हित हुए बच्चों के लक्ष्य को कम करने की कवायद
- आयुपार बच्चों के नाम हटवाने में जुटा विभाग

कार्यालय संवाददाता @ डूंगरपुर

गत वर्ष आंख मिच कर हुई चाईल्ड टे्रकिंग सर्वे की गड़बडिय़ों पर अब विभाग ने मुहर लगानी शुरू कर दी है। सर्वे में चिन्हित हुए अधिकांश बच्चों के अपात्र घोषित होने से प्रदेश स्तर पर नामांकन अभियान की उपलब्धि के लिहाज से पिछड़ रहे विभाग ने अब राजस्थान प्रारम्भिक परिषद् को संशोधित लक्ष्य भेजने की कवायद शुरू कर दी है।

पत्रिका ने उठाया था मामला

गत वर्ष हुए चाईल्ड टे्रकिंग सर्वे में 26 हजार 236 बच्चों को शिक्षा से दूर चिन्हित किया गया था। लेकिन, सर्वे के तहत नामांकन अभियान में मिले लक्ष्य अनुरूप पड़ताल की, तो अधिकांश बच्चे आयु पार, विवाहित, पूर्व से ही स्कूलों से जुड़े होना पाया गया। राजस्थान पत्रिका ने सीटीएस सर्वे की गड़बडिय़ों को लेकर 15 जुलाई 2011 के अंक में  ‘सर्वे की खुली हकीकत’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर उदाहरण कई विद्यालयों की स्थिति का खुलासा किया था।

अधिक फिर भी कम

विभाग ने अब तक करीब आठ हजार से अधिक बच्चों को विद्यालयों से जोड़ दिया है। लेकिन, सीटीएस सर्वे के मुताबिक लक्ष्य काफी अधिक होने से उपलब्धि प्रतिशत काफी कम आ रहा है। जबकि, पात्रों का प्रतिशत ही गिना जाए, तो विभाग की उपलब्धि 60 फीसदी से भी ऊपर पहुंच जाती है। अपात्र विद्यार्थियों के चयन के लिए विभाग ने विशेष प्रपत्र भी तैयार किए हैं।

भेजे है लक्ष्य
. संशोधित लक्ष्य के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। विभाग ने बड़ी संख्या में पात्र बच्चों को जोड़ लिया है। पर, अपात्रों के नाम जुड़े होने से समस्या आ रही है।
- केएल जोशी, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी

Friday, 29 July 2011

Dungarpur - Admission figure reached at 1434

‘पढ़ेंगे, लिखेंगे, तो बनेंगे नवाब’

- विद्यालयों से जुड़े 56
- अभियान का आंकड़ा 1434
- आओं पढ़ाएं, सबको बढ़ाएं अभियान

कार्यालय संवाददाता @ डूंगरपुर

 बाल्यकाल से ही लक्ष्य तय कर मंजिल की ओर बढ़ा जाए, सफलता मिलती ही है। बच्चे बढ़ेगे, लिखेंगे, तो नवाब अवश्य बनेंगे। ये विचार गुरुवार को विभिन्न विद्यालयों में ‘आओं पढ़ाएं, सबको बढ़ाएं’ अभियान के तहत मनाए गए प्रवशोत्सव कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने व्यक्त किए। अधिक से अधिक बच्चों को विद्यालयों से जोडऩे के लिए राजस्थान पत्रिका और मीडिया एक्शन ग्रुप की ओर से चलाए जा रहे अभियान के तहत गुरुवार को 56 बच्चों को विद्यालयों से जोड़ा गया। अभियान का आंकड़ा 1434 तक पहुंच गया है।


यहां हुए कार्यक्रम
 साबला के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय कनोडिय़ा में संस्थाप्रधान प्रवीण पण्ड्या के सहयोग से छह बच्चों को प्रवेश दिलाया। इस मौके पर एसएमसी अध्यक्ष हरदारिया मीणा, देवीलाल मीणा, मुरारीलाल मीणा तथा नरेन्द्र टेलर शामिल हुए। इसी क्रम में रामावि दौलपुरा में 27 बच्चों का प्रवेश दिया। संस्थाप्रधान कनकमल जैन, धुलेश्वर मीणा, अमृतलाल, मुकेश, मोतीलाल वर्मा शामिल हुए। पिण्डावल के राप्रावि रिंछा में संस्थाप्रधान ओमप्रकाश मीणा के निर्देशन में रेखा पण्ड्या व किशनलाल के सहयोग से 23 बच्चों को प्रवेश दिया।

Wednesday, 27 July 2011

Dungarpur - 1320....little steps


ज्ञान की राह पर बढ़े नन्हें कदम


- विद्यालयों से जुड़े 57 नए बच्चों के साथ आंकड़ा पहुंचा 1320
- आओं पढ़ाएं, सबको बढ़ाएं अभियान

कार्यालय संवाददाता @ डूंगरपुर
राजस्थान पत्रिका और मीडिया एक्शन ग्रुप की ओर से शिक्षा के कानून अधिकार के तहत अधिक से अधिक बच्चों को विद्यालयों से जोड़़े जाने के लिए शुरू किए गए ‘आओं पढ़ाएं, सबको बढ़ाएं’ अभियान के तहत मंगलवार को राजकीय एवं निजी विद्यालयों में 57 बच्चों ने पहली बार ज्ञान की राह पर पहला कदम रखा। अभियान का आंकड़ा 1320 तक पहुंच गया है।
उमंग से बढ़े कदम
चीतरी के सरस्वती माध्यमिक विद्यानिकेतन में संस्थाप्रधान विष्णु बुनकर ने पांच निर्धन बच्चों को निशुल्क प्रवेश दिया।
साबला के राप्रावि धाणी वगलई में संस्थाप्रधान राजेन्द्रसिंह चौहान के सहयोग से आठ बच्चों को प्रवेश दिया। राप्रावि खजुरफला ओड़ा में संस्थाप्रधान के सहयोग से 15 बच्चों को प्रवेश दिया।
रामगढ़ के रामावि इन्दौड़ा में कार्यवाहक संस्थाप्रधान अशोक जैन सहित सुखलाल मईड़ा, रमेशचन्द्र कटारा, विधिराजसिंह शक्तावत व प्रभाशंकर चौबीसा के सहयोग से 19 बच्चों को प्रवेश दिया।
पिण्डावल के शारदा विद्यामंदिर उप्रावि रीछा में संस्थाप्रधान भालचंद पण्ड्या के सहयोग से 10 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया। इस मौके पर नारायणलाल मीणा, विष्णुमीणा, भगवतीलाल मीणा, राजेन्द्र यादव, पुरूषोतम मीणा, सुमतिलाल मीणा, केशवलाल मीणा, राखी चौबीसा, नम्रता चौबीसा शामिल हुए।

Monday, 25 July 2011

Dungarpur - 1224 children enrolled in school, now Bridge course for foundation

शिक्षा की नदियां पर ‘ब्रिज’

- आयु अनुसार कक्षा में शामिल होने वाले बच्चों के लिए लगेंगे शिविर
- राजस्थान प्रारभिक शिक्षा परिषद् की योजना

कार्यालय संवाददाता @ डूंगरपुर

शिक्षा की नदियां की धार के साथ कदमताल में पिछड़े बच्चों के लिए राजस्थान प्रारभिक शिक्षा परिषद् विशेष ‘ब्रिज’ कोर्स शिविर चलाएगा। इन शिविरों के माध्यम से शिक्षा के अधिकार कानून के तहत आयु के अनुसार कक्षा में प्रवेश लेने वाले बच्चों को उस कक्षा के योग्य बनाया जाएगा। इसके लिए राजस्थान प्रारभिक शिक्षा परिषद् ने सर्वशिक्षा अभियान को आवश्यक बजट भी आवंटित कर दिया है।

मुख्यधारा से जुड़ेंगे
चाईल्ड ट्रेकिंग सर्वे में छह से 14 वर्ष के हजारों बच्चे ड्राप-आउट एवं अनामांकित चिन्हित हुए। प्रदेश में राजस्थान निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार नियम 2011 लागू होने के बाद बच्चे को उसकी आयु के अनुसार ही कक्षा में प्रवेश देेने की बाध्यता है। ऐसे में किसी बच्चे की आयु दस वर्ष की होने पर उसे कक्षा पांच अथवा चार में ही प्रवेश दिया जा सकता है। एक ही कक्षा में शैक्षिक लिहाज से दो-दो अलग-अलग वर्गों के बच्चों के अध्यापन में शिक्षकों के सामने समस्या आते देख परिषद् ने ड्राप-आउट एवं अनामांकित बच्चों को नामांकन के बाद आवासीय एवं गैर आवासीय ब्रिज कोर्स शिविर चलाने का निर्णय लिया है। अकेले डूंगरपुर जिले में सीटीएस सर्वे में 27 हजार 236  बच्चे शिक्षा से वंचित चिन्हित हुए हैं। इन शिविरों से डूंगरपुर में ही करीब दस हजार से अधिक बच्चे लाभान्वित होंगे।

टेस्ट से होगा आंकलन
ब्रिज कोर्स के लिए चिन्हित होने वाले बच्चों की शैक्षिक योग्यता का आंकलन करने के लिए पहले एक सामान्य टेस्ट लिया जाएगा। इसमें विद्यार्थी को आयु के अनुसार मिली कक्षा के लिए उसके ज्ञान का आंकलन किया जाएगा। अगर बालक आयु अनुसार मिली कक्षा के योग्य नहीं पाया जाता है, तो उसे पूर्व की कक्षा के लिए पहले तैयार किया जाएगा। इसके बाद उसे वर्तमान कक्षा के योग्य बनाया जाएगा।

मील का पत्थर
. शिविर शिक्षा से वंचित बच्चों को शिक्षा की मुय धारा से जोडऩे के लिए मील का पत्थर साबित होंगे। विभाग की मंशा अनुरूप उच्चाधिकारियों के निर्देश में पालना सुनिश्चित करेंगे।
- करुणाशंकर जोशी, अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक


शिक्षा से जीवन में सवेरा

- अब तक जुड़े 1224 बच्चे
- आओं बढ़ाएं, सबको बढ़ाएं अभियान

कार्यालय संवाददाता @ डूंगरपुर

शिक्षा के बिना जीवन में अंधकारमय है। जीवन में शिक्षा के दीप जलते ही जिन्दगी में खुशियों का सवेरा हो जाता है। ये विचार रविवार को विभिन्न विद्यालयों में राजस्थान पत्रिका और मीडिया एक्शन ग्रुप की ओर से चलाए जा रहे आओं पढ़ाएं, सबको बढ़ाएं अभियान के तहत आयोजित हुए कार्यक्रम में अतिथियों ने व्यक्त किए। शिक्षा के कानून अधिकार के तहत शिक्षा से वंचित अधिक से अधिक बच्चों को विद्यालयों से जोडऩे के लिए चलाए जा रहे इस अभियान के तहत रविवार को निजी एवं राजकीय विद्यालयों में 29 बच्चों को जोड़ा गया। इसके तहत अभियान का अब तक का आंकड़ा 1224 तक पहुंच गया है।

यहां दिलाया प्रवेश
पिण्डावल के राबाउप्रावि बोड़ीगामा बडा में प्रधानाध्यापक नरेश शुक्ला के सहयोग से आठ नवप्रवेशी व पांच ड्रॉपआउट बच्चों सहित 13 बच्चों को तिलक लगा प्रवेश दिलाया। इस मौके पर कृतिका भट्ट, मधुकांता आर्य, प्रफुल्ल पंचाल, सुनील आदि शामिल हुए। राप्रावि बोड़ीगामा बडा में प्रधानाध्यापक लक्ष्मणलाल मीणा, नारायणलाल पांडे व कृष्णा शुक्ला के सहयोग से दो बच्चों का प्रवेश हुआ। राजस्थान विद्या विहार उप्रावि में संस्थाप्रधान निलेश जैन के सहयोग से चार बच्चों के जीवन में निशुल्क शिक्षा के फूल खिले। कार्यक्रम में करणजानी, मालती उपाध्याय, रोशनी जैन, कंचन भट्ट, देवीलाल पाटीदार, चंद्रशेखर सुथार, गीता मीणा शामिल हुए।
सागवाड़ा के श्रीहितोपदेश विद्याविहार प्राथमिक विद्यालय में संस्थाप्रधान दशरथ बारोट के मार्गदर्शन में 10 बच्चों को निशुल्क प्रवेश दिया। इस मौके पर पूर्व प्रधान शंकरलाल डामोर, उपसरपंच चन्द्रशेखर पुरोहित, भाजयुमो ग्रामीण मंडल महामंत्री दिनेश पाटीदार, दीप्ति चौबीसा, भाविका सोनी, हितेष चौबीसा व प्रकाश रावल शामिल हुए।

Dungarpur - "Maha Kumbh" of admissions.........


विद्यालयों में नामांकन का ‘महाकुम्भ’

- राजकीय और निजी विद्यालयों में प्रवेशोत्सव का रैला
- विद्यालयों से जुड़े अब तक 1140 नौनिहाल
- आओं पढ़ाएं, सबको बढ़ाएं अभियान

कार्यालय संवाददाता @ डूंगरपुर 
Date - 22.7.11
अधिक से अधिक बच्चों को विद्यालयों से जोडऩे के लिए राजस्थान पत्रिका और मीडिया एक्शन ग्रुप की ओर से शुरू किया गया ‘आओं पढ़ाएं, सबको बढ़ाए’ अभियान धीरे-धीरे कर महाकुम्भ का रूप लेता जा रहा है। जिले में लगातार शैक्षिक वातावरण का निर्माण हो रहा है और विद्यालयों में शिक्षा से वंचित बच्चों का प्रवेशोत्सव के लिए रैला लगा हुआ है। शुक्रवार को जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित निजी एवं राजकीय विद्यालयों में 89 नए बच्चों को विद्यालयों को जोडऩे के साथ ही अभियान का आंकड़ा 1140 तक पहुंच गया है।

यहां लगे मेले
साबला के न्यू आदर्श माध्यमिक स्कूल में आरटीई के तहत प्रभारी निर्मल पण्ड्या, निदेशक भूपेन्द्र जैन के सहयोग से 13 बच्चों को प्रवेश दिया। इसी तरह रामावि ओड़ा में संस्थाप्रधान अब्बास मोहम्मद के निर्देशन में भरत सेवक, सूरजमल मीणा, सुरेन्द्र ननोमा, बंशीधर शिरोवा, रामकेश मीणा के सहयोग से विद्यालय में 37 बच्चों को प्रवेश दिलाया। साथ ही राउप्रावि गड़ादसुन्दी में संस्थाप्रधान भूपेन्द्रकुमार शर्मा, रमेश, जगदीश ओझ़ा, पुष्पा मीणा व बगजीराम मीणा के सहयोग से सात तथा राप्रावि बोड़काफला में संस्थाप्रधान महेन्द्र चौबीसा व वालजी मीणा के सहयोग से तीन बच्चों को प्रवेश दिलाया। वरदा के श्रीकल्याण विद्या विहार उप्रावि में अभियान के तहत संस्था सचिव बलवीरसिंह चौहान, संग्रामसिंह चौहान, संस्थाप्रधान नवीन यादव के सहयोग से पांच विद्यार्थियों को निशुल्क प्रवेश दिया गया। पिण्डावल के रामावि काब्जा में संस्थाप्रधान पवित्रकुमार भगोरा के निर्देशन में 11 बच्चों को का प्रवेश हुआ। चंद्रवीरसिंह चौहान, बंशीलाल परमार, नरसिंह पटेल, दिनेश अहारी, पुष्पा डिंडोर का सहयोग रहा। इसी तरह नवज्योति प्रावि बोड़ीगामा बड़ा में प्रधानाध्यापक विष्णु व्यास के सहयोग से छह विद्यार्थियों को नि:शुल्क प्रवेश दिया। इस मौके पर हरिराम पाण्डे, रामेश्वर पाण्डे, लक्ष्मण पंचाल, हितेश प्रकोत, रचना पंचाल, स्मिता गांधी, दिव्या पण्ड्या, माधुरी त्रिवेदी, दीक्षा त्रिवेदी शामिल हुए। ओबरी के संस्कार पब्लिक स्कूल में सात नौनिहालों का नि:शुल्क प्रवेश दिया। प्रधानाध्यापक चन्द्रशेखर पुरोहित, निदेशक निर्भयसिंह चौहान ने तिलक लगा स्वागत किया। इस मौके पर हंसमुख पुरोहित, राजेन्द्र यादव, आशिक व्यास शामिल हुए।


Dungarpur - Private schools to renew regiatration, admission figure reached at 1195


निजी विद्यालयों की मान्यता पर कटार

- प्रदेश भर के निजी प्राथमिक विद्यालयों की मान्यता निरस्त
- दुबारा लेनी होगी

कार्यालय संवाददाता @ डूंगरपुर
निजी विद्यालयों के संचालकों और उनमें अध्ययनरत बच्चों के अभिभावकों के लिए यह खबर चौकाने वाली हो सकती है। प्रदेश भर के निजी प्राथमिक विद्यालयों की मान्यता पर कटार लटक गई है। सरकार ने शिक्षा का कानून अधिकार के तहत हजारों निजी प्राथमिक विद्यालयों की मान्यता निरस्त कर दी है। अब उन्हें मान्यता संबंधित कार्रवाई के लिए एक बार फिर चप्पलें घसीटनी होगी।

यह है फरमान
राजस्थान प्रारभिक शिक्षा निदेशक की ओर से हाल ही प्रदेश भर के जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी किए हैं। इसमें निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 एवं राजस्थान निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार नियम 2011 का हवाला देते हुए बताया है कि पूर्व में गैर सरकारी प्राथमिक विद्यालयों का संचालन मान्यता से मुक्त था। लेकिन, उक्त अधिनियम के लागू होने के बाद इन विद्यालयों को मान्यता लेना जरुरी है।

फेक्ट-फाइल
1995 के पूर्व शिक्षा विभाग निजी विद्यालय खोलने के लिए मान्यता देता था। लेकिन, इसके बाद सरकार ने एक आदेश जारी कर मान्यता नियमों में परिवर्तन किया। इसके अनुसार मान्यता नहीं लेने पर भी विद्यालयों का संचालन किया जा सकता था। पर, इस नियम के लागू होने से निजी विद्यालयों पर विभाग की नकेल कमजोर पड़ रही थी। इस पर निदेशालय ने एक संशोधित आदेश जारी किया। इसमें निजी विद्यालय खोलने पर विभाग की ओर से केवल ‘स्वीकृति’ लेना तय किया। नवीन आदेशों के तहत अब 1995 के बाद खुले समस्त प्राथमिक विद्यालयों को मान्यता लेना जरुरी किया है।

जेब भी होगी ढीली
निजी विद्यालयों के संचालकों को मान्यता के लिए 31 जुलाई के पूर्व 50 हजार रुपए संस्था के नाम की सावधि जमा (एफडी), दस हजार रुपए (उपयोजना क्षेत्र के जिलों के लिए पांच हजार रुपए ) का ड्राट बालिका शिक्षा फाउण्डेशन तथा एक हजार रुपए का ड्राट जिला शिक्षा अधिकारी प्रारभिक कार्यालय के नाम से देना होगा। साथ ही निर्धारित प्रारूप में समस्त कागजात देने होंगे। तय तिथि तक उपरोक्त प्रावधानों को पूर्ण नहीं ेकरने वाले विद्यालयों की मान्यता निरस्त कर दी जाएगी।

प्रपत्र उपलब्ध...
. मान्यता प्रपत्र बीईईओ एवं डीईओ कार्यालय में उपलब्ध है। संचालक  तय तिथि में आवेदन प्रस्तुत करें।
- केएल जोशी, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी


एक और अर्धशतक

- विद्यालयों से जुड़े 55 और बच्चे
- आंकड़ा 1195 पहुंचा

- आओं पढ़ाएं, सबको बढ़ाएं अभियान

कार्यालय संवाददाता @ डूंगरपुर
राजस्थान पत्रिका और मीडिया एक्शन ग्रुप की ओर से बच्चों को विद्यालयों से जोडऩे के लिए शुरू किए गए ‘आओं पढ़ाएं, सबको बढ़ाएं’ अभियान ने एक और अद्र्धशतक लगा दिया है। अभियान के तहत शनिवार को निजी एवं राजकीय विद्यालयों में 55 बच्चों को जोड़ते हुए आंकड़ा एक हजार 195 तक पहुंच गया है।

यहां इतने बच्चे
एकलव्य पब्लिक उच्च प्राथमिक विद्यालय खेड़ा कच्छवासा में संस्थाप्रधान जितेन्द्र चौबीसा एवं शिक्षक हितेश, करणवीरसिंह, करणसिंह राठौड़ एवं योगेश के सहयोग से आरटीई के तहत 15 बच्चों को निशुल्क प्रवेश दिया गया।
साबला के राउप्रावि रंगेली में संस्थाप्रधान खेमराज मीणा, शिक्षक सुरेश शर्मा, हरिसिंह राजावत तथा वासुदेव मीणा के सहयोग से 16 बच्चों को प्रवेश दिलाया।
पिण्डावल के राप्रावि माल टेम्बरपाड़ा में प्रधानाध्यापक किशोरसिंह चौहान के निर्देशन व गिरजाशंकर मेहता व अशोक पण्ड्या के सहयोग से आठ विद्यार्थियों को प्रवेश दिलाया। इस मौके पर सरपंच लालजी मीणा, ईश्वरसिंह पंवार, दर्जनसिंह चौहान शामिल हुए। रामावि माल में संस्था प्रधान गिरीश भट्ट के सान्निध्य में सात ड्रॉप आउट विद्यार्थियों ने वापस प्रवेश लिया। राप्रावि भाटोली के डूंगरीफला में प्रधानाध्यापक कांतिलाल यादव व प्रवीण रावल के सहयोग नौ बच्चों का प्रवेश हुआ। इस मौके पर नानचंद, लालजी, देवा, अशोक खराड़ी, गौतम, सजन एवं नर्वदा शामिल हुए।

Friday, 22 July 2011

Dungarpur - with 76 new admission figure reached at 1051...


नामांकन का नया रिकार्ड

- आंकड़ा एक हजार पार
- विद्यालयों से जुड़े 76 नए बच्चों के साथ आंकड़ा पहुंचा 1051 पर
- आओं पढ़ाएं, सबको बढ़ाएं अभियान
कार्यालय संवाददाता @ डूंगरपुर
अधिक से अधिक बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोडऩे के लिए शिक्षा के कानून अधिकार के तहत राजस्थान पत्रिका और मीडिया एक्शन ग्रुप के तत्वावधान में चलाया  गया ‘आओं पढ़ाएं, सबको बढ़ाएं’ अभियान जनजाति बाहुल्य के पिछले जिले के लिए मील का पत्थर बनता जा रहा है। अभियान से लगातार बन रहे शैक्षिक वातावरण से राजकीय और निजी विद्यालयों में नामांकन के नए रिकार्ड स्थापित हो रहे हैं। अभियान के तहत अलग-अलग विद्यालयों में गुरुवार को कुल 76 बच्चों का नामांकन होते ही आंकड़ा 1051 पर पहुंच गया है।

शिक्षा का कारवां
डूंगरपुर। अभियान के तहत बिलड़ी के राजकीय माध्यमिक विद्यालय में संस्थाप्रधान शिशुपाल जैन एवं शिक्षक मोहनलाल यादव के सहयोग से 15 बच्चों को प्रवेश दिया। इसमें चार बच्चे ड्राप-आउट एवं अनामांकित भी थे।
साबला के राप्रावि में संस्थाप्रधान अमृतलाल कलासुआ, बालुराम मीणा, कृष्णा जावरिया एवं शीला श्रीवास्तव के सहयोग से 23 छात्र-छात्राओं को प्रवेश दिया। इसी तरह राउप्रावि वरवासा माफी में पूर्व सरपंच मोतीलाल, हेमेन्द्र चौबीसा, रामेश्वर मीणा, थावरचंद मीणा, कार्यवाहक संस्थाप्रधान पेमजी पाटीदार सहित पवनकुमार बरगोट, भानूप्रकाश मीणा एवं नटवरलाल मीणा के सहयोग से सात बच्चों को बच्चे दिलाया गया।
पिण्डावल के रामावि लोड़ावल में प्रधानाध्यापक मोहनसिंह राठौड़ के सहयोग से 22 बच्चों को प्रवेश दिलाया गया। इस मौके पर सचिव विजय जोशी, वेणीलाल कटारा, कमलाशंकर मीणा, शारीरिक शिक्षक परशुराम भावसार, धुलेराम गोंदावत शामिल हुए। इसी तरह नवज्योति पब्लिक प्राथमिक विद्यालय काब्जा में प्रधानाध्यापक कमलेश त्रिवेदी ने शिक्षा के कानून अधिकार के तहत दस बच्चों को प्रवेश दिलाया। प्रधानाध्यापक ने पत्रिका के अभियान की सराहना की। इस मौके पर रतिका त्रिवेदी, प्रतिभा जोशी, नेहा जैन, लोकेश बुनकर, प्रदीप सेवक, कुलदीप जैन, संजय, हितेश, हरीश त्रिवेदी शामिल हुए।

Wednesday, 20 July 2011

Dungarpur - Enrolment of the Poor - 909 +

आंकड़ा 909+

विद्यालयों से जुड़े 68 नए बच्चें
राजस्थान पत्रिका एवं मीडिया एक्शन
(आओं पढ़ाएं, सबको बढ़ाएं अभियान)

कार्यालय संवाददाता - डूंगरपुर
राजस्थान पत्रिका और मीडिया एक्शन ग्रुप की ओर से अधिक से अधिक बच्चों को विद्यालयों से जोडऩे के लिए शुरू किए गए ‘आओं पढ़ाएं, सबको बढ़ाएं’ अभियान अब तक का सबसे बड़ा अभियान बनता जा रहा है। अलग-अलग विद्यालयों में मंगलवार को 68 बच्चों को प्रवेश दिलाने के साथ ही अभियान का रथ 909 तक पहुंच गया है।

यहां इतने खिले फूल
डूंगरपुर। राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय नबर पांच नवाडेरा क्षेत्र में आने वाले अलग-अलग बिखरे क्षेत्रों में शिक्षा से वंचित 25 बच्चों को संस्थाप्रधान मानशंकर यादव के निर्देशन में अध्यापक ओमप्रकाश चौबीसा, जयंतीलाल खराड़ी, केशरसिंह राठौड़, साहेब दयाल वसीटा, राजुल मेहता, रेखा खराड़ी के सहयोग से पहली कक्षा में दाखिला दिया गया है। साबला कस्बे के राबाउप्रावि में संस्थाप्रधान सुधा कोठारी के निर्देशन में लक्ष्मी कटारा, मीना दीक्षित, मंजू मीणा तथा कमला सावन के सहयोग से 14 निर्धन बच्चों को प्रवेश दिया। रामगढ़ के राबाउप्रावि में 13 बच्चों को प्रवेश दिया गया। इनमें कुछ बच्चे भी ड्राप-आउट थे। इस मौके पर अभिभावकों ने राजस्थान पत्रिका के अभियान की प्रशंसा की। पिण्डावल के राप्रावि डोडीयारफला में प्रधानाध्यापिका संगीता जैन के सहयोग से 11 विद्यार्थियों को तिलक लगा प्रवेश दिलाया। इस मौके पर अध्यापिका रत्ना रावल, आशा सहयोगिनी आशा यादव शामिल हुई। इसी तरह न्यू आदर्श विद्या विहार करियाणा में प्रधानाध्यापक गौतमलाल पाटीदार ने मीनाक्षी मनोज सुथार, धोनी मोहनलाल बलाई, सुगंधा हरीश मीणा, राहूल नारायणलाल श्रीमाली, खुशी नटवरलाल पाटीदार कुल पांच विद्यार्थियों को आरटीई के तहत नि:शुल्क प्रवेश दिया। इस मौके पर किशनलाल बुनकर, प्रमिला सुथार, महेश पण्ड्या, अंतिम श्रीमाली, हर्षिला रावल नीलम जानी शामिल हुए।


Monday, 18 July 2011

Dungarpur - Govt. mission to connect drop out children far from aim.....................

पस्त न हो जाए प्रवेशोत्सव

- आधा पखवाड़ा गुजरने के बावजूद उपलब्धि महज 19 फीसदी
- लक्ष्य से कौसों दूर

- आओं पढ़ाएं, सबको बढ़ाएं अभियान

कार्यालय संवाददाता @ डूंगरपुर

एक-एक अनामांकित एवं ड्राप-आउट बच्चे को शिक्षा से जोडऩे के लिए शिक्षा विभाग की ओर से चलाए जा रहा नामांकन अभियान एक पखवाड़े से अधिक समय गुजरने के बावजूद अब भी लक्ष्य से कौसों दूर है। अभियान के अब महज 12 दिन शेष रहते विभाग की उपलब्धि 19 फीसदी ही हो पाई है। ऐसे में प्रवेशोत्सव के आंकड़ा पस्त होता दिख रहा है।

ब्लॉक               लक्ष्य    उपलब्धि
सीमलवाड़ा        9351    16 38
बिछीवाड़ा        58 11    1355
आसपुर           4192    6 6 5
डूंगरपुर          4159    76 8
सागवाड़ा       3723    8 08
कुल          27,236     5,234
(उपलब्धि 18  जुलाई तक)

ये भी हैं कारण
.आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में प्रथम कक्षा में 25 फीसदी सीटों पर निशुल्क प्रवेश दिया जा रहा है। ऐसे में कई अभिभावकों ने अपने बच्चों को निजी विद्यालयों में दाखिला दिला दिया है।
. सीटीएस सर्वे में चिन्हित हुए कई बच्चे अपात्र घोषित हो चुके हैं।
लक्ष्य पूरा करेंगे
. अब तक की उपलब्धि काफी कम है। लेकिन, ब्लॉकवार नोडल केन्द्राध्यक्षों की बैठक लेनी प्रस्तावित है। योजना बनाकर लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा।
- रमेशचन्द्र खराड़ी, जिला प्रभारी, नामांकन अभियान

कारवां आठ सौ पार
डूंगरपुर। राजस्थान पत्रिका और मीडिया एक्शन ग्रुप की ओर से चलाए गए ‘आओं पढ़ाएं, सबको बढ़ाएं’ अभियान के तहत सोमवार को अलग-अलग विद्यालयों से 41 बच्चों को विद्यालयों से जोड़ दिया गया है। अभियान के तहत अब तक कुल 8 28  बच्चों के जीवन में शिक्षा का दीप प्रज्जवलित किया जा चुका है।


खीर-पूड़ी से स्वागत
शहर के रामनगर स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में नवप्रवेशी बच्चों का अनौखा स्वागत किया गया। यहां मेवाड़ दूध डेयरी के राजू पटेल के सहयोग से विद्यालय एवं आंगनवाड़ी केन्द्र के नवप्रवेशी बच्चों के साथ-साथ समस्त विद्यार्थियों को खीर-पूड़ी का भोजन दिया गया। इससे बच्चे काफी खुश हुए। इस मौके पर संस्थाप्रधान कल्पना यादव, शिक्षिका कल्पना चौबीसा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता प्रियंका शर्मा के सहयोग से दस बच्चों को प्रवेश दिलाया गया।


यहां भी जुड़ा कारवां
रामगढ़। देवतालाब फला के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में संस्थाप्रधान अलका जोशी के सान्निध्य में दस बच्चों को प्रवेश दिलाया गया।
साबला। राप्रावि मुंगेड़ में देवराम व्यास, महावीर जैन, गजेन्द्र यादव एवं संस्थाप्रधान अरुणा पण्ड्या के सहयोग से 13 बच्चों को प्रवेश दिलाया।
आसपुर। नवज्योति पब्लिक स्कूल झरियाणा में अभियान के तहत संस्थाप्रधान प्रकाश पंचाल के निर्देशन में आठ बच्चों को आरटीई के तहत निशुल्क प्रवेश दिलाया गया।
पिण्डावल. रामावि तालोरा में संस्थाप्रधान मगनलाल पाटीदार के निर्देशन में नौ बच्चों को प्रवेश दिया। इस मौके पर राजकुमार जैन, करुणा जैन, बाबूलाल परमार, धुलेश्वर कटारा शामिल हुए। अरविंद उप्रावि में संस्थाप्रधान भरतलाल व्यास ने चार बच्चों को निशुल्क प्रवेश दिया। इस मौके पर प्रियंका जोशी,विभा हरसोत, रोशनी पंचाल भी उपस्थित थे।

Dungarpur - 800+ admissions by MAG, journey continues..


 शिक्षा की माला में जुड़े मोती

- निजी विद्यालयों में नि:शुल्क प्रवेश के लिए कतारें
- स्कूलों से जुड़े 101 और बच्चें,
- नामांकन ने लगाया चौथा शतक, अभियान जारी
- आओ पढ़ाएं, सबको बढ़ाए अभियान

बल्र्फ :::::
शिक्षा का कानून अधिकार के लागू होते ही राजस्थान पत्रिका और मीडिया एक्शन ग्रुप की ओर से ‘आओं पढ़ाएं, सबको बढ़ाएं’ अभियान के माध्यम से जगाई गई अलख गांव-गांव पहुंच गई है। शिक्षा की माला में रोजाना नए-नए मोती गूथ रहे हैं। निजी विद्यालयों में मुफ्त प्रवेश को लेकर शैक्षिक सत्र शुरू हुए नौ दिन गुजरने के बाद भी होड़ मची हुई है। मीडिया एक्शन ग्रुप के सदस्यों एवं शिक्षकों के सहयोग से शनिवार को विभिन्न 101 बच्चे शिक्षा से जुड़ गए हैं। मीडिया एक्शन ग्रुप के प्रयासों से अब तक 400 बच्चों को शिक्षा से जोड़ दिया है।

कार्यालय संवाददाता @ डूंगरपुर
अभियान को लेकर गांव-गांव में बच्चों को चिन्हित कर स्कूलों से जोडऩे का क्रम जारी है। शिक्षा विभाग के साथ मीडिया एक्शन ग्रुप के सदस्य कंधे से कंधा मिलाकर अनामांकित, ड्राप-आउट बच्चों को विद्यालयों से जोडऩे में जुटे हुए हैं। राजकीय माध्यमिक विद्यालय मेताली में प्रधानाध्यापक सुरेश स्वर्णकार के नेतृत्व में 15 नवप्रवेशी बच्चों को प्रवेश दिया। इस मौके पर रामचरण जाटव, शांता पण्ड्या, उदयसिंह चौहान, सुनीलकुमार भट्ट, मोतीलाल गमेती, नारायणसिंह शक्तावत, निर्मला खराड़ी, आशा परमार शामिल हुए। राप्रावि कोटाणा में संस्थाप्रधान उर्मिला चौबीसा के नेतृत्व में शिक्षिका प्रमिला जैन व गीता परमार ने 18 बच्चों को विद्यालय से जोड़ा गया। इसी तरह राउप्रावि रेलड़ा में संस्थाप्रधान हरीश व्यास के नेतृत्व में 23 नवप्रवेशी और छह ड्राप-आउट बालकों सहित कुल 29 बच्चों को स्कूल से जोड़ लिया है। इस मौके पर अनिता रोत, कोकिला बुनकर, रितु शर्मा, दीप्ति पण्ड्या, मोहमद हनीफ, चन्दा जैन शामिल हुए।
 जगी शिक्षा की अलख
पिण्डावल. राजकीय आदर्श बाउप्रावि में संस्थाप्रधान बालकृष्ण पण्ड्या के निर्देशन पांच ड्रॉप आउट एवं 20 बच्चों को नवप्रवेश दिया। पण्ड्या ने कहा पत्रिका के अभियान से प्रेरित होकर अभिभावक सरकारी एवं निजी विद्यालयों में प्रवेश दिला रहे हैं। अध्यापिका ज्योति भावसार ने कहा पत्रिका ने जन जागृति फैलाई। इसके दूरगामी परिणाम मिलेंगे।  इस मौके पर ज्योति भट्ट, रेखा डोमार, सर्वेश, भूपसिंह शामिल हुए।


14 को नि:शुल्क प्रवेश
खेड़ा गांव स्थित विनायक पब्लिक स्कूल में 11 बच्चों को मुख्य प्रबंधक ब्रिजेशकुमार सोमपुरा के नेतृत्व में महेश डामोर, प्रकाश पाटीदार, दिशांत नाई, मोहित नाई, राहुल जोगी, अदिती राजावत, कपिल ननोमा, भावना ननोमा, उर्मिला कटारा, संजय डामोर एवं हिमांशी खराड़ी को नि:शुल्क प्रवेश दिया गया।  इस मौके पर गोपालकृष्ण सोमपुरा, नीता सोमपुरा, अनिता सुथार, निशा राठौड़, निशा चौबीसा एवं अर्पिता राजावत शामिल हुए। इसी तरह शहर के कुमार भास्कर पब्लिक स्कूल में संस्थापक चन्द्रा भास्कर, व्यवस्थापक स्वप्निल भास्कर तथा संस्थाप्रधान हेतल श्रीमाल के नेतृत्व में नर्सरी कक्षा में नीलोफर सलीम, माहिनुर सलीम एवं दीपक कटारा को प्रवेश दिया गया।

विनोद बनेगा डॉक्टर
रेलड़ा गांव का विनोद पुत्र जालम कटारा कई वर्ष से अहमदाबाद में एक होटल में काम करता था। सुबह पांच बजे से देर रात तक हाड़तोड़ मेहनत करता था। लेकिन, शिक्षक मोहम्मद हनीफ के सहयोग से उसे कक्षा छह में प्रवेश दिलाया गया है। विद्यालय स्टॉफ की ओर से उसे स्कूल बेग आदि पाठ्य सामग्री की व्यवस्था के प्रबंध भी शुरू हो गए हैं। विनोद ने बताया कि वह अब नियमित पढ़ेगा और डॉक्टर बनकर दिखाएगा। इसी तरह कोटाणा गांव के जीवतराम पारगी की चार संताने आखर ज्ञान से दूर थी। पर, सदस्यों एवं शिक्षकों की समझाईश के बाद रवीन्द्र पारगी को कक्षा चार, आकाश को तीसरी, बादल को तीसरी एवं छोटी पुत्री वसुंधरा पारगी को पहली कक्षा में प्रवेश दिलाया गया।

Dungarpur - with 32 more 774 children being benefitted so far, government also join hands with 157 enrolments.......


 शिक्षा से जीवन अनमोल

- अभियान में जुड़े 32 और बच्चे
- आओं पढ़ाएं, सबको बढ़ाएं अभियान


कार्यालय संवाददाता @ डूंगरपुर
शिक्षा वो मोती है, जो एक बार जीवन में मिल गया, तो पूरा जीवन अनमोल बन जाता है। अभिभावक अपने बच्चों के जीवन में शिक्षा का दीप जलाकर उनके जीवन को अनमोल बनाए।
ये विचार राजस्थान पत्रिका एवं मीडिया एक्शन ग्रुप की ओर से चलाए गए आओं पढ़ाएं, सबको बढ़ाएं अभियान के तहत शनिवार को आयोजित हुए विभिन्न विद्यालयों में नामांकन कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने व्यक्त किए। शनिवार को अलग-अलग विद्यालयों में 32 नए बच्चों को विद्यालयों से जोड़ा गया। अभियान के तहत अब तक कुल 774 बच्चों को जोड़ा जा चुका है।

यहां इतने जुड़े
डूंगरपुर। विद्यानिकेतन बालिका माध्यमिक विद्यालय इंजीनियर की गली में प्रधानाचार्य दिव्या जैन के नेतृत्व में मोहित पुत्र धुलेश्वर परमार, भुमिका पुत्र प्रद्युनसिंह भाटी एवं जिनल पुत्र राकेश हरिजन को निशुल्क प्रवेश दिया।
पिण्डावल. राउप्रावि घाटडा में कार्यवाहक संस्थाप्रधान पे्रमचंद पंचाल के सान्निध्य में सात ड्राप-आउट एवं 14 नवीन प्रवेशी बच्चों के साथ 21 बच्चों को विद्यालय से जोड़ा गया। इस मौके पर अध्यापक पंकज जोशी, शारीरिक शिक्षक पीएस जोशी, देवीसिंह चौहान, प्रेमजी प्रजापत, जगराम कुहार शामिल हुए। इसी तरह भूमद विद्या मंदिर पड़ोली में प्रधानाध्यापक अरविंद गर्ग ने महिपाल पुत्र देवीलाल खराड़ी, निहिन पुत्र प्रकाश यादव, हितेश पुत्र नारायण भट्ट, युवराज पुत्र महेन्द्रसिंह चावड़ा, अशोक भुपेन्द्र खराड़ी को नि:शुल्क प्रवेश दिया। इस मौके पर जितेन्द्र गर्ग, कमलेश यादव, वीनिता उपाध्याय, सुविधा जडिय़ा शामिल हुए।
साबला। राप्रावि नई बस्ती में संस्थाप्रधान हरीशचन्द्र जैन के नेतृत्व में तीन बच्चों को प्रवेश दिया गया। इस मौके पर लता उपाध्याय शामिल हुई।

विभाग ने जोड़े 157
शैक्षिक प्रकोष्ठ अधिकारी आरसी खराड़ी ने बताया कि शनिवार को अलग-अलग विद्यालयों में 157 बच्चों को प्रवेश दिया गया।

Saturday, 16 July 2011

Dungarpur - Private Schools still tough to handle

निजी पर नहीं नकेल
- आरटीई के तहत निशुल्क प्रवेश का मामला
- निजी संस्था प्रधान नहीं भेज रहे सूचनाएं
- आओं पढ़ाएं, सबको बढ़ाएं अभियान

कार्यालय संवाददाता @ डूंगरपुर
सरकार ने ढाई लाख रुपए तक सालाना आय वाले अभिभावकों के बच्चों को निजी विद्यालय की प्रथम कक्षा में निशुल्क दाखिले का अधिकार तो दे दिया है। पर, निजी विद्यालयों पर प्रशासनिक अधिकारियों की नकेल कमजोर पड़ती दिख रही है। अधिकारियों की ओर से बार-बार आरटीई के तहत हुए निशुल्क प्रवेश की सूचनाएं मंगाए जाने के बावजूद निजी विद्यालय के संस्थाप्रधानों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही हैं।

ये मांगी सूचनाएं
प्रारभिक शिक्षा विभाग ने निजी विद्यालयों के संस्थाप्रधानों से विद्यालय की प्रथम कक्षा, कुल सीटे, निशुल्क सीटों की संया, निशुल्क सीटों पर प्रवेश की स्थिति आदि के संबंध में सूचनाएं मांगी थी। पर, कार्रवाई के डर से कुछ ही संस्थाप्रधानों की सूचनाएं कार्यालय में जमा हुई। जिला शिक्षा अधिकारी प्रारभिक कार्यालय ने बीईईओ कार्यालय के माध्यम से पहली बार पांच जुलाई तक प्रवेश की स्थिति के संबंध में सूचना मांगी थी। इसके बाद एक बार फिर नौ जुलाई को सूचनाएं मांगी गई। लेकिन, हालात जस के तस बने हुए हैं।

यह कहता है कानून
आरटीई के तहत निजी विद्यालयों की प्रथम कक्षा में 25 फीसदी सीटों पर निर्धन एवं गरीब परिवारों के बच्चों को प्रवेश देना अनिवार्य है। साथ ही कानून के संबंध में विभाग की ओर से मांगी जाने वाली सूचनाएं नहीं देने पर मान्यता निरस्त संबंधित कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है।
अंतिम अल्टीमेटम 

जिले भर के निजी विद्यालयों के संस्था प्रधानों को अंतिम 20 जुलाई के पूर्व उनके विद्यालय में निशुल्क प्रवेश संबंधित सूचनाएं बीईईओ कार्यालय के माध्यम से देने के लिए निर्देश दिए हैं। इसके बाद सूचनाएं नहीं भेजने वाले विद्यालयों की सूची उच्चाधिकारियों को प्रेषित की जाएगी।
- बंशीलाल रोत, जिला शिक्षा अधिकारी, प्रारभिक
आंकड़ा सात सौ पार
डूंगरपुर। राजस्थान पत्रिका और मीडिया एक्शन ग्रुप की ओर से चलाए गए आओं पढ़ाएं, सबको बढ़ाएं अभियान के तहत शुक्रवार को अलग-अलग विद्यालयों में प्रवेशित हुए 49 बच्चों के साथ ही प्रवेश का कुल आंकड़ा 742 पहुंच गया है। अभियान के प्रति गांवों में भरपूर उत्साह नजर आ रहा है। पिण्डावल के राउप्रावि पडोली में संस्थाप्रधान नटवरलाल जोशी के सान्निध्य में छह नवीन व 15 डॅाप आउट विद्यार्थियों सहित कुल 21 बच्चों को विद्यालय से जोड़ा गया। अध्यापकों ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों को तिलक व हार पहनाकर स्वागत किया। जोशी ने कहा कि अभियान से प्रेरित होकर अभिभावक ड्रॉप आउट बच्चों को विद्यालयों से जोड़ रहे हैं। इस मौके पर बंशीलाल कलाल, श्यामसुंदर पुरोहित, शारीरिक शिक्षक दिनकर जोशी, जयंतिलाल डेण्डोर, सुभाषचंद्र डेण्डोर, एसएमसी अध्यक्ष शिवसिंह, रघुनाथसिंह शामिल हुए। इसी तरह न्यू डिसेंट एकेडमी स्कूल पिण्डावल में निदेशक राजेश पाटीदार ने सोनल रमेश मीणा, विजय तुलसीराम मीणा, दुर्गेश हेमराज मीणा को नि:शुल्क प्रवेश दिया। प्रधानाध्यापक चंद्रवीरसिंह चौहान ने विद्यार्थियों का स्वागत किया। इस मौके पर अध्यापिका नेहा भाटीया, मोनिका पाण्डे शामिल हुए।
साबला के राउप्रावि भूडन का वेला में संस्थाप्रधान शंकरलाल चौबीसा, पूर्व सरपंच मोहनलाल मीणा, वालचंद मीणा के आतिथ्य में 25 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया। संस्थाप्रधान ने पत्रिका के अभियान की प्रशंसा की। इस मौके पर भावजी मीणा, हिमतसिंह चौहान, मधुकांता भावसार, दुलेसिंह, लक्ष्मी बुनकर शामिल हुए।

Tuesday, 12 July 2011

Dungarpur - Enrolment drive - 76 children get admission

शिक्षा से जीवन में शृंगार

- विद्यालयों से नामांकन का मेला
- आओ पढ़ाए, सबको बढाए अभियान




कार्यालय संवाददाता @ डूंगरपुर
अधिक से अधिक बच्चों को विद्यालयों से जोडऩे के लिए राजस्थान पत्रिका एवं मीडिया एक्शन ग्रुप की ओर से शुरू किए गए आओ पढ़ाएं, सबको बढ़ाएं अभियान के तहत मंगलवार को अलग-अलग विद्यालयों में 76 और बच्चे जुड़ गए हैं। अब इन बच्चों का जीवन भी शिक्षा से शृंगारित होगा।

यहां इतने जुड़े

राप्रावि बालाडीट में संस्थाप्रधान मीनाक्षी पण्ड्या एवं कंकु कलाल के सहयोग से 22 विद्यार्थियों का नामांकन हुआ है। मंगलवार को सर्वशिक्षा अभियान के एडीपीसी करुणाशंकर जोशी, शैक्षिक प्रकोष्ठ अधिकारी आरसी खराड़ी, कार्यक्रम समन्वयक विक्रमसिंह अहाड़ा के आतिथ्य में कार्यक्रम हुआ। राप्रावि थाणा में संस्थाप्रधान निर्मला त्रिवेदी, मधुबाला पण्ड्या, हुरजीलाल परमार, प्रवीणा चौबीसा, मीनाक्षी पण्ड्या एवं कमला बरण्ड़ा के सहयोग से 34 बच्चों को प्रवेश दिया।
पिण्डावल। राउप्रावि नया टापरा में संस्थाप्रधान नारायणलाल वर्मा के निर्देशन में 11 का स्वागत कर प्रवेश दिया। वर्मा ने पत्रिका के अभियान की सराहना की। इस मौके पर दिनेश डामोर, अजीतकुमार जैन, भवानीशंकरमीणा, प्रभूलाल  रोत, देवीलाल सरपोटा, हर्षा मीणा शामिल हुए।

मिला निशुल्क प्रवेश

शहर के गुरुकुल स्कूल में निदेशक सतीश एम. जोशी के नेतृत्व में बिलड़ी के राजवीर पुत्र जोगेन्द्रसिंह सोलंकी एवं माणक चौक के पुष्पराज पुत्र हितेन्द्रसिंह को प्रवेश दिया।
रामगढ़। शिवाजी पब्लिक स्कूल में सुनीता अहारी, तनुजा कलासुआ, मंजू परमार, मोनिका मीणा, कृष्णकुमार मीणा, हिमांशु डामोर, लीना बुनकर को संस्थाप्रधान महेश जोशी ने प्रवेश दिया। सरपंच कमलाशंकर मीणा, उपसरपंच नवदीप सिंह, सोहनलाल सेवक, गोपालसिंह, लीलाराम, नारायणलाल, लक्ष्मण कलाल, नरेन्द्रसिंह व वजेराम शामिल हुए।



रैली से संदेश
अभियान के तहत थाणा गांव के रामावि की ओर से संस्थाप्रधान संतोष पण्ड्या के नेतृत्व में रैली निकाली गई। रैली को एडीपीसी जोशी, शैक्षिक प्रकोष्ठ अधिकारी खराड़ी ने हरी झण्डी दिखा रवाना किया। रैली में शामिल विद्यार्थियों ने पूरे गांव का भ्रमण कर शिक्षा का संदेश दिया। रैली में करीब चार सौ से अधिक विद्यार्थी शामिल हुए।