Monday, 25 July 2011

Dungarpur - 1224 children enrolled in school, now Bridge course for foundation

शिक्षा की नदियां पर ‘ब्रिज’

- आयु अनुसार कक्षा में शामिल होने वाले बच्चों के लिए लगेंगे शिविर
- राजस्थान प्रारभिक शिक्षा परिषद् की योजना

कार्यालय संवाददाता @ डूंगरपुर

शिक्षा की नदियां की धार के साथ कदमताल में पिछड़े बच्चों के लिए राजस्थान प्रारभिक शिक्षा परिषद् विशेष ‘ब्रिज’ कोर्स शिविर चलाएगा। इन शिविरों के माध्यम से शिक्षा के अधिकार कानून के तहत आयु के अनुसार कक्षा में प्रवेश लेने वाले बच्चों को उस कक्षा के योग्य बनाया जाएगा। इसके लिए राजस्थान प्रारभिक शिक्षा परिषद् ने सर्वशिक्षा अभियान को आवश्यक बजट भी आवंटित कर दिया है।

मुख्यधारा से जुड़ेंगे
चाईल्ड ट्रेकिंग सर्वे में छह से 14 वर्ष के हजारों बच्चे ड्राप-आउट एवं अनामांकित चिन्हित हुए। प्रदेश में राजस्थान निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार नियम 2011 लागू होने के बाद बच्चे को उसकी आयु के अनुसार ही कक्षा में प्रवेश देेने की बाध्यता है। ऐसे में किसी बच्चे की आयु दस वर्ष की होने पर उसे कक्षा पांच अथवा चार में ही प्रवेश दिया जा सकता है। एक ही कक्षा में शैक्षिक लिहाज से दो-दो अलग-अलग वर्गों के बच्चों के अध्यापन में शिक्षकों के सामने समस्या आते देख परिषद् ने ड्राप-आउट एवं अनामांकित बच्चों को नामांकन के बाद आवासीय एवं गैर आवासीय ब्रिज कोर्स शिविर चलाने का निर्णय लिया है। अकेले डूंगरपुर जिले में सीटीएस सर्वे में 27 हजार 236  बच्चे शिक्षा से वंचित चिन्हित हुए हैं। इन शिविरों से डूंगरपुर में ही करीब दस हजार से अधिक बच्चे लाभान्वित होंगे।

टेस्ट से होगा आंकलन
ब्रिज कोर्स के लिए चिन्हित होने वाले बच्चों की शैक्षिक योग्यता का आंकलन करने के लिए पहले एक सामान्य टेस्ट लिया जाएगा। इसमें विद्यार्थी को आयु के अनुसार मिली कक्षा के लिए उसके ज्ञान का आंकलन किया जाएगा। अगर बालक आयु अनुसार मिली कक्षा के योग्य नहीं पाया जाता है, तो उसे पूर्व की कक्षा के लिए पहले तैयार किया जाएगा। इसके बाद उसे वर्तमान कक्षा के योग्य बनाया जाएगा।

मील का पत्थर
. शिविर शिक्षा से वंचित बच्चों को शिक्षा की मुय धारा से जोडऩे के लिए मील का पत्थर साबित होंगे। विभाग की मंशा अनुरूप उच्चाधिकारियों के निर्देश में पालना सुनिश्चित करेंगे।
- करुणाशंकर जोशी, अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक


शिक्षा से जीवन में सवेरा

- अब तक जुड़े 1224 बच्चे
- आओं बढ़ाएं, सबको बढ़ाएं अभियान

कार्यालय संवाददाता @ डूंगरपुर

शिक्षा के बिना जीवन में अंधकारमय है। जीवन में शिक्षा के दीप जलते ही जिन्दगी में खुशियों का सवेरा हो जाता है। ये विचार रविवार को विभिन्न विद्यालयों में राजस्थान पत्रिका और मीडिया एक्शन ग्रुप की ओर से चलाए जा रहे आओं पढ़ाएं, सबको बढ़ाएं अभियान के तहत आयोजित हुए कार्यक्रम में अतिथियों ने व्यक्त किए। शिक्षा के कानून अधिकार के तहत शिक्षा से वंचित अधिक से अधिक बच्चों को विद्यालयों से जोडऩे के लिए चलाए जा रहे इस अभियान के तहत रविवार को निजी एवं राजकीय विद्यालयों में 29 बच्चों को जोड़ा गया। इसके तहत अभियान का अब तक का आंकड़ा 1224 तक पहुंच गया है।

यहां दिलाया प्रवेश
पिण्डावल के राबाउप्रावि बोड़ीगामा बडा में प्रधानाध्यापक नरेश शुक्ला के सहयोग से आठ नवप्रवेशी व पांच ड्रॉपआउट बच्चों सहित 13 बच्चों को तिलक लगा प्रवेश दिलाया। इस मौके पर कृतिका भट्ट, मधुकांता आर्य, प्रफुल्ल पंचाल, सुनील आदि शामिल हुए। राप्रावि बोड़ीगामा बडा में प्रधानाध्यापक लक्ष्मणलाल मीणा, नारायणलाल पांडे व कृष्णा शुक्ला के सहयोग से दो बच्चों का प्रवेश हुआ। राजस्थान विद्या विहार उप्रावि में संस्थाप्रधान निलेश जैन के सहयोग से चार बच्चों के जीवन में निशुल्क शिक्षा के फूल खिले। कार्यक्रम में करणजानी, मालती उपाध्याय, रोशनी जैन, कंचन भट्ट, देवीलाल पाटीदार, चंद्रशेखर सुथार, गीता मीणा शामिल हुए।
सागवाड़ा के श्रीहितोपदेश विद्याविहार प्राथमिक विद्यालय में संस्थाप्रधान दशरथ बारोट के मार्गदर्शन में 10 बच्चों को निशुल्क प्रवेश दिया। इस मौके पर पूर्व प्रधान शंकरलाल डामोर, उपसरपंच चन्द्रशेखर पुरोहित, भाजयुमो ग्रामीण मंडल महामंत्री दिनेश पाटीदार, दीप्ति चौबीसा, भाविका सोनी, हितेष चौबीसा व प्रकाश रावल शामिल हुए।

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